लव या अरेंज?

शादियों का जो तरीक़ा अभी चल रहा है, उस की वजह से कई लोग इस गलत फ़हमी में पड़ जाते हैं कि उन्होने अरेंज मेरिज की है।
ज़रा गौर करें कि अरेंज मेरिज आज कल होती कहाँ है?
रिश्ता तय होने के फ़ौरन बाद लड़का और लड़की अपना अपना मोबाइल सम्भाल लेते हैं और दिन रात एक दूसरे से गप शप जारी रहती है फिर मुलाक़ातें और बातों पर बातें.........,
ये तो घुमा फिरा कर लव मैरिज ही है जिसे अरेंज का नाम दे दिया गया है।

ऐसा भी होता है कि शादी की तारीख महीनों बल्कि एक साल के बाद की रखी गई है और इधर लड़के और लड़की के दरमियान मुलाक़ातों और बातों सिलसिला जारी है जो शादी तक चला तो चला वरना कुछ गड़बड़ होने पर शादी कैंसल!
एक दूसरे को देख लिया, बातें कर ली, हाथों में हाथ देकर पार्क वगैरा भी घूम लिया, ऑनलाइन चेटिंग भी कर ली, ऑफ़लाईन भी नहीं छोड़ा तो अब हमें कोई समझा दे कि ये अरेंज मेरिज कैसे हुआ? ये तो खालिस लव मेरिज है जिस में थोड़ी सी तब्दीली (चेंजिंग) है 

जैसे लव मेरिज में खुले आम एक दूसरे को देख कर पसंद किया जाता है उसी तरह आज कल अरेंज मेरिज में भी किया जाता है, डेटिंग चेटिंग दोनों में होती है।
हो सकता है कोई ये कहे कि लव मेरिज में प्रपोज किया जाता है लेकिन यहाँ ऐसा नहीं है तो हम बता दें कि आज कल अरेंज मेरिज में भी प्रपोज का सिस्टम है जिसे मंगनी (इंगेजमेंट) का नाम दे दिया गया है।
दोनों में फर्क़ ये है कि वहाँ "आई लव यू" बोलकर प्रपोज किया जाता है और यहाँ मंगनी (इंगेजमेंट) में एक दूसरे से बात करने के बाद अँगूठी पहना कर प्रपोज किया जाता है।
वहाँ लड़की या लड़के की तरफ से इक़रार और इंकार की गुंजाइश होती है तो यहाँ भी ऐसा ही होता है, अगर चाहो तो इक़रार या इंकार।

ये लव मेरिज जिस पर अरेंज का लेबल लगा कर काम चलाया जा रहा है, इस में एक फाइदा लड़कों और लड़कियों को ये हो जाता है कि "सेफटी" पूरी मिलती है।
इस में दोनों महफ़ूज रहते हैं, ना तो फोन पर बात करने से अपना बाप रोक सकता है और ना मुलाक़ात करने से उस का बाप!

हमारी इस तहरीर से वो लोग अपनी गलत फ़हमी का इलाज कर सकते हैं जिन्हें लगता है कि उन्होने अरेंज मेरिज की है या करेंगे।

अ़ब्दे मुस्तफ़ा

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