हम 4 शादी पर कब तक लिखेंगे?


हम उस वक़्त तक इस टॉपिक पर लिखेंगे जब तक ये कॉमन ना हो जाये।

यूँ समझिये कि एक अर्से पहले जब कहीं किसी लड़की के साथ कुछ गलत होता था तो सुन कर बड़ा अजीब लगता था, लोग हर तरफ़ बातें करते हुये नज़र आते थे पर जब औरतों ने कपड़े कम कर दिये, हम ने निकाह मुश्किल कर दिया और साथ में पढ़ने लिखने, जॉब करने का सिस्टम आम हुआ तो फिर ये केस (Cases) इतने बढ़ गये कि अब आये दिन न्यूज़ नें ऐसे कई केस (Cases) के बारे में दिखाया जाता है पर अब सुन कर वो महसूस नहीं होता जो पहले होता था क्योंकि अब ये बहुत ज़्यादा आम हो गया बल्कि रज़ामन्दी के साथ तो इसे गलत भी नहीं समझते कुछ लोग।


इसी तरह 4 शादी वाला मुआमला है। एक अर्से से इस पर ज़्यादा बात नहीं हुई, ज़्यादा लिखा नहीं गया और अ़मल भी नहीं तो अब अचानक ये लोगों को अजीब लग रहा है जब कि ये सहीह है।

अब जब हम इस पर लगातार काम करेंगे तो कुछ लोग ज़रूर समझेंगे और आने वाली नस्लों में ज़्यादा तब्दीली आयेगी।


अगर एक लड़की अपने वालिद की 4 बीवियाँ देखे, अपने भाई की एक से ज़्यादा बीवियाँ देखे और रिश्तेदारों में भी ऐसा ही नज़र आये तो उसे भी बड़े हो कर किसी की दूसरी या तीसरी बीवी बनने में बुरा नहीं लगेगा बस ज़रूरी है कि उसी माहौल में बड़ा किया जाये।


हम ये माहौल बनाना चाहते हैं। इस के लिये हर जगह से कुछ लोग मिल कर आपस में ही आगाज़ करें तो काम हो सकता है।

अल्लाह त'आला हमें इस सुन्नत को फिर से ज़िन्दा करने की तौफ़ीक़ दे।


अ़ब्दे मुस्तफ़ा

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