मुल्क के लिये लड़ने वाले मुसलमान शहीद? 


एक सवाल किया गया कि ज़ैद इंडियन आर्मी में कमांडर है और उसके दस्ते में सब खुश अक़ीदा मुसलमान हैं तो अगर वो पाकिस्तान से जंग करते हुये मारे जायें तो उन पर शहीद का हुक्म नाफिज़ होगा या नहीं? 


इसके जवाब में ताजुल फुक़हा, अल्लामा मुफ्ती अख्तर हुसैन क़ादरी रहीमहुल्लाहू त'आला फरमाते हैं कि शरीअत में शहीद वो है जो अल्लाह के दीन की सरबुलंदी के लिये जंग करे और इस राह में मार डाला जाये चुनांचे अल्लामा बैज़ावी लिखते हैं : 


الشھداء الذین ادرء بھم الحرص الطاعۃ والحد فی اظھار الحق حتی بذلوا مھجھم فی اعلاء کلمۃ اللہ 


और अल्लामा शैखज़ादा अलैहिर्रहमा तहरीर फरमाते हैं : 


الشھید من قام بشھادۃ الحق و العمل بہ الی ان قتل فی سبیل اللہ

(تفسیر بیضاوی، ج2، ص148) 


इस वज़ाहत से मालूम हुआ कि जो मुसलमान पाकिस्तान वग़ैरह ममालिक से जंग करते हुये मारे जायें वो शर'अन शहीद नहीं हैं कि वो लोग इस्लाम की सर बुलंदी के लिये नहीं लड़ते हैं। 


(فتاوی علیمیہ، ج1، ص320) 


अब्दे मुस्तफ़ा ऑफिशियल

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